November 19, 2018

सरकार स्वच्छता, पेयजल के साथ-साथ कौशल विकास को प्राथमिकता दे रही है: मदन कौशिक

देहरादून। जनपदों में जिला विकास प्राधिकरण गठित करने का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र का सुव्यवस्थित व सुनियोजित तरीके से चहुॅमुखी विकास करना है।‘‘ उक्त बात आज जनपद चम्पावत के सर्किट हाउस सभागार में जिला विकास प्राधिकरण की प्रथम बैठक लेते हुए प्रदेश के शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कही।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास व आम नागरिकों के हितों का ध्यान रखते हुए प्राधिकरण का गठन किया गया है तथा प्राधिकरण को जो भी राजस्व प्राप्त होगा उसका उपयोग संबंधित क्षेत्रों के विकास में व्यय किया जायेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्राधिकरण के अधिकारी जमीनी स्तर पर जाकर प्राधिकरण के कार्यो एवं उद्देशयों की पूरी जानकारी देने के साथ ही नक्शे स्वीकृत कराने, भवन प्लानिंग आदि कार्यो से होने वाले लाभों के बारे में जनता को जागरूक करें। उन्होंने इस संबंध में जनता का रायशुमारी भी लेने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने अपर जिलाधिकारी एवं उप जिलाधिकारियों को जिला विकास प्राधिकरण की गाइड लाइन के बारे में विस्तृत जानकारी से लोगों को अवगत कराने को कहा।
 उन्होंने प्राधिकरण के अधिकारियों को जमीनी स्तर पर आ रही व्यावहारिक कठिनाईयों को लिखित रूप में शासन को उपलब्ध कराने को कहा जिससे समय से उनका निदान किया जा सके। उन्होंने जिला विकास प्राधिकरण की विस्तृत कार्यशाला आयोजित करने और उसमें ग्राम प्रधान स्तर तक जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करने के निर्देश दिये। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि जिला विकास प्राधिकरण कार्यालय की स्थापना के साथ प्राधिकरण का खाता खोल दिया गया है और भवन निर्माण अनुज्ञा संबंधी आवेदन पत्र प्राप्त करने की कार्यवाही गतिमान है और वर्तमान में 122 ग्राम पंचायतें प्राधिकरण में हैं। मंत्री जी ने प्राधिकरण के अन्तर्गत नक्शे पास करने में विशेष सावधानी बरतने के निर्देश उप जिलाधिकारी टनकपुर को दिये।
  मा.मंत्री ने कहा कि सरकार स्वच्छता, सीवरेज, पेयजल के साथ-साथ कौशल विकास को प्राथमिकता दे रही है, इसलिए अधिशासी अधिकारी क्षेत्र में स्वच्छता, सीवरेज तथा जल संस्थान पेयजल पर पूरा ध्यान केन्द्रित करे। उन्होंने ईओ नगरपालिका को कूड़े से खाद तैयार करने हेतु मशीनों की खरीद हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि ईओ नाली, सड़क, खडंजे से उपर उठ कर स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें और राज्य वित्त से प्राप्त धनराशि का उपयोग पारदर्शिता के साथ करें तथा सफाई व्यवस्था हेतु वाहनों का क्रय करें। उन्होंने नगरपालिकाओं में स्वीकृत खाली पड़े पदों पर आउटसोर्स से भर्ती करने के निर्देश भी ईओ को दिये।
   उन्होंने कौशल विकास प्रशिक्षण बाहरी ठेकेदार द्वारा किये जाने और लाभार्थियों व कार्यक्रम की जानकारी नगरपालिका को न दिये जाने पर नगरपालिका में बायोमैट्रिक मशीन एवं सीसीटीवी लगाने के निर्देश देने के साथ जिलाधिकारी को समय-समय पर नगरपालिका द्वारा किये जा रहे कार्यो का औचक निरीक्षण और भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिये। उन्होंने ईओ नगरपालिका एवं ईई जल संस्थान को वाटर टैक्स का निर्धारण आपसी समन्वय से करने के निर्देश बैठक में दिये। उन्होंने डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करने, कूड़े के उचित निस्तारण हेतु 4 कलेक्शन सेन्टर निर्धारित करने के निर्देश ईओ चम्पावत को दिये।
  बैठक में क्षेत्रीय विधायक कैलाश गहतोड़ी, नगरपालिका अध्यक्ष प्रकाश तिवारी, जिलाधिकारी डा.अहमद इकबाल, अपर जिलाधिकारी हेमन्त कुमार वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी एसएस बिष्ट, उप जिलाधिकारी सीमा विश्वकर्मा, पाटी निर्मला बिष्ट, लोहाघाट आरसी गौतम, ईओ अभिनव कुमार, जिलाध्यक्ष भाजपा रामदत्त जोशी, राजू भंडारी, सांसद प्रतिनिधि गोविन्द सामंत, आरडब्ल्यूडी, लोनिवि, जल संस्थान, सिंचाई के ईई, तहसीलदार, पार्टी पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।
यह विज्ञप्ति, जिला सूचनाधिकारी चम्पावत द्वारा जारी विज्ञप्ति पर आधारित है।

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