November 19, 2018

नमामि गंगे योजना में गंगा घाटों का स्थलीय निरीक्षण किया।

हरिद्वार। जिलाधिकारी श्री दीपक रावत ने भारत सरकार की राष्ट्रीय स्वच्छ गांगा मिशन के तहत नमामि गंगे योजना में चण्डीघाट हरिद्वार के नीचे बनाये जा रहे गंगा घाटों का स्थलीय निरीक्षण किया। योजना के अंतर्गत हरिद्वार जनपद में चण्डिघाट सहित कुल चार स्थानों पर यह कार्य चल रहे हैं। जिनमें श्यामपुर, भोगपुर, बालावाली शामिल हैं। जिलाधिकारी ने वाप्कोस लिमिटेड द्वारा किये जा रहे कार्यो की विस्तृत जानकारी प्रोजेक्ट मैनेजर तथा साइट इंजीनियर से ली।
योजना कार्यो को कर रहे इंजीनियर ने प्लान नक्शे के जानकारी देते हुए डीएम को बताया कि योजना के तहत कुल 41 हजार आठ सौ बहत्तर स्कवायर मीटर के एरिया पर घाट का निर्माण किया जा रहा है। जिसमें सामान्य स्नान घाट के अलावा महिलाओं के लिए स्नान घाट तथा चेंजिंग रूम,  अन्त्येष्टी घाट, शौचालय जिनके सप्लाई के लिए एसटीपी बनाये जायेंगे। लगभग 75 वाहन क्षमता की कार व बस पार्किंग सहित हरियाला के लिए निर्धारित एरिया में हरित प्रांगण बनाया जायेगा। अत्येष्टी के लिए आने वाले यात्रियों के लिए पूजा करने व बैठने के लिए पक्के शेड भी बनाये जा रहे हैं। की कार्यो के बारे में जानकारी देते हुए योजना प्रबंधक ने बताया कि हरिद्वार चण्डीघाट के नीचे बन रहे घाटों निर्माण कार्य 36 माह में  पूर्ण करने की अवधि भारत सरकार द्वार निर्धारित की गयी है। यह कार्य मार्च 2017 से आरम्भ किया गया है और दिसम्बर 2018 इस कार्य की समापन अवधि है। कार्यों की अनुमानित लागत 50 करोड़ है, जिसमें से 12 करोड़ रूपये खर्च किये जा चुके हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि समय अवधि के हिसाब से कार्यों की गति अभी तक संतोषजनक है। कार्यो की गुणवत्ता तथा निर्माण में वैज्ञानिक तथ्यों की परख समय समय पर हमारे सिंचाई तथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों द्वारा की जाती रहेगी। हमारे अधिकारी इस बात पर विशेष रूप से माॅनिटरिंग करेंगे कि घाट निर्माण से भविष्य में पुराने पुल को कोई क्षति तथा आस-पास के क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सके।

About The Author

Related posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *