November 19, 2018

क्या फिर चुनाव में भाजपा बनाना चहाती पलायन मुद्दा

शामली-कैराना 2016 में स्व. भाजपा सांसद बाबू हुकुम सिंह द्वारा कैराना से 346 हिंदू परिवारों के पलायन मुद्दे पर अब योगी सरकार ने रिपोर्ट तलब कर ली है। सरकार के आदेश पर कैराना में एएसपी और सीओ ने पलायन सूची का सत्यापन करना शुरू किया। घर-घर जाकर पलायन परिवारों के बारे में जानकारी जुटाई। वहीं, योगी सरकार में माहौल सामान्य होने के चलते वापस लौटे परिवारों से भी बातचीत की गई। 
भाजपा के स्व.सांसद बाबू हुकुम सिंह ने 2016 में कैराना में कश्मीर जैसे हालात बताकर 250 परिवारों के पलायन की सूची जारी की थी। इसके एक सप्ताह बाद 8 जून को 346 हिंदू परिवारों के पलायन की सूची जारी कर देशभर की राजनीति में बवंडर मच गया था। बताया जा रहा था कि 2014 में अपराधियों द्वारा रंगदारी मांगने और न देने पर तीन व्यापारियों की दिनदहाडे हत्याओं के बाद से हर कोई व्यक्ति विशेष व्यापारी वर्ग दहशत में रहने लगा था। तब असुरक्षा का भाव जता लोगों का दूसरे शहरों की ओर रूख किया और धीरे-धीरे शहर से पलायन शुरू हो गया। खौफजदां लोग अपने आलिशान मकान छोड कर रातों-रात निकलने लगे। पलायन के दर्द को समझते हुए भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने जोरशोर से मुद्दा उठाया था। उस समय तत्कालीन सपा सरकार ने साधु-संतु का प्रतिनिधिमंडल भेज कर सत्यता जानने का प्रयास किया था और इसे नकार दिया था। हर रोज यहां कोई न कोई टीम आया करती थी। इसी के चलते 2017 में भाजपा ने इसे बडा मुद्दा बनाया। पलायन और लचर कानून व्यवस्था पर सवाल खडे कर इसे सुदृढ बनाने तथा पलायन करने वालों को सुरक्षित माहौल में वापस लाने का दावा किया गया था। इसी के सहारे भाजपा प्रदेश में सत्ता में आ गई। सत्तारूढ योगी सरकार में अपराधियों को खाकी चुन-चुन कर या तो मार रही है या फिर उन्हें जेल में डाला जा रहा है। 
मंगलवार को शासन के आदेशों के अनुपालन में अपर पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार कोतवाली कैराना पहुंचे और स्व. हुकुम सिंह द्वारा जारी की गई सूची के बारे में जानकारी ली। इसके बाद एडिशनल एसपी, सीओ राजेश कुमार तिवारी व कोतवाली प्रभारी निरीक्षक भगवत सिंह मय पुलिस टीम के बाजारों तथा मोहल्लों में पहुंचकर पलायन के बारे में जानकारी ली। पलायन पर यह रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी।
व्यापारी अनिल कुमार ने बताया कि कैराना में 2013 में व्यापारियो को जो पलायन हुआ था। जिसमें व्यापारियो से काफी रंगदारी मांगी जा रही थी।और दिन दहाडे व्यापारियो का मर्डर हो रहा था। उसी बात को जानने के लिए जनपद शामली के ए.एस.पी.श्लोक कुमार जी जानकारी करने के लिए आये थे कि पलालन का मुद्दा कहा तक सच है। ए.एस.पी. ने जो यहा से पलायन कर गये थे उनके घर भी देखे उनके प्रतिस्ठान भी देखे। और उनके आसपडोस वालो से भी बातचीत की। हमारे से तो ये जानकारी की कि पहले टाईम और अब के टाईम में कितना फर्क है। हमने तो उन्हे बताया कि पहले कि दृष्टि में अब व्यापारी सुरक्षित महसूस कर रहा है।
एएसपी की टीम पलायन करने वाले लोगों के घरों की देखभाल कर तथा उनके बारे में जानकारी प्राप्त करने के बाद योगी सरकार में सुरक्षित माहौल जताकर कैराना लौटे मोहल्ला शंकर सौदियान में विक्की के मकान पर एएसपी पहुंचे। वह रंगदारी मांगने के कारण दहशत के चलते पलायन करके दिल्ली चला गया था, लेकिन अब से 10 माह पूर्व माहौल ठीक होने के बाद वापस आ गया। वही व्यापारी नवीन ने बताया कि वो 2015 में खौफ में परिवार सहित दिल्ली चला गया था। योगी सरकार बनने के बाद माहौल ठीक होने से 10 माह पूर्व वापस आ गया। 
अंकित मित्तल ने बताया कि दिसंबर 2013 में मुकीम गिरोह ने उसके भतीजों की दुकान पर खुले हथियार दिखा कर रंगदारी मांगी थी। जिसमें  भतीजों को पुलिस सुरक्षा दी गई थी, लेकिन 2014 में तीन व्यापारियों की हत्या के बाद उसके भतीजे परिवार सहित पलायन कर गए। 
 दुकानदार अंकित ने बताया कि 2013 में हुए दंगो के बाद बदमाशो द्वारा हत्या व रंगदारी मागे जाने के बाद यहा से व्यापारी पलायन कर गये थे। उसकी जानकारी के लिए ए.एस.पी आये थे। और पूछताछ की गई है।
वही ए.एस.पी .शामली श्लोक कुमार ने बताया कि पलायन की सूची का सत्यापन शुरू किया गया है। कई दिनों तक यह सिलसिला जारी रहेगा। एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। जांच के बाद वास्तविक रिपोर्ट बनाकर भेजेंगे।
सी.ओ. कैराना ने बताया कि  ए.एएस.पी.सहाब कैराना थाने पर आये थे। और जो पलायन कर गये थे। उनके बारे मे जानकारी प्राप्त की वही जो दुबारा आकर बस गये उनसे भी मुलाकात की कोई समस्या तो नही है। और जो पहले से पलायन का मुद्दा था उसका सत्यापन किया गया। 

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