November 19, 2018

बकाया गन्ना भुगतान को लेकर शुगर मिल गेट पर धरना

शामलीः  किसानों के बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर दर्जनों किसानों ने शामली शुगर मिल गेट पर धरना दिया। धरने पर पहुंचे पूर्व विधायक पंकज मलिक ने प्रदेश सरकार पर किसानों का शोषण करने तथा खेतों में खडी गन्ने की फसलो की पर्ची जारी न कराये जाने का आरोप लगाते हुए आरपार की लडाई करने की चेतावनी दी है। 
बुधवार को किसानों के बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर असली भारत संगठन के पदाधिकारियों ने सैकडों किसानों को साथ लेकर शामली शुगर मिल गेट पर धरना प्रदर्शन किया। शामली शुगर मिल पर किसानों का करीब 176 करोड रूपया गन्ना का भुगतान बकाया है। धरने पर पहुंचे पूर्व विधायक पंकज मलिक ने कहा कि किसानों का गन्ना भुगतान न होने के कारण किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। उत्तर प्रदेश के गन्ना राज्यमंत्री शुगर मिल मालिकों से सांठगांठ कर किसानों का शोषण करा रहे है। किसानों का भुगतान नही हो रहा, और किसानों का गन्ना खेतो में खडा है। शुगर मिल मालिक किसानों को पर्ची जारी नही कर रहे, जिससे किसान सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहा है। गन्ना राज्यमंत्री किसानों के गन्ने का सर्वे कराये जाने का वायदा करते है, लेकिन कोई भी अधिकारी किसानों के खेतों तक नही पहुंचा। उन्होने चेतावनी दी कि यदि किसानों का शोषण बंद नही किया गया तो वह आरपार की लडाई लडेगे। 
पूर्व काग्रेस विधायक पंकज मलिक ने कहा कि हम सरकार से ये पूछना चहाते है। कि जब सरकार में इस जनपद के प्रतिनिधित्व करने का मौका जनता ने दिया है। तो क्या वह लोग गुगें बहरे बनकर इस सरकार में बैठे है। इस जनपद से गन्नामंत्री है। और गन्ना किसान रो रहा है। किसान की इतनी बुरी स्थिति है। कि यह बताया नही जा सकता है। किसान का गन्ना खेत में खडा हुआ है। पर्ची नही मिल रही है। भूगतान नही दे रहे है। अब तो बस सरकार के लोगो का सडक पर आकर पिटाई और कर देनी चाहिए। इन्हे शर्म नही आती है। बात करते है नौजवान की किसान की बेटियो को पढाने की बात करते है। कैसे बेटिया पढेगी। जब किसान के पास पैमेंट ही नही होगी और किसान के साथ व्यापारी भी तो परेशान है। जब किसान के पास ही पैसा नही होगा तो व्यापारी पर भी फर्क पडता है। जो भी सरकार में आ जाता है। तो मिल के लोग सरकार के लोगो से साटगाठ करके चढापा चढाकर शान्मि से रहते है। और किसान की बिल्कूल नही सुनते है। हमारी मांग तो यह ही है। कि किसान का भूगतान हो और किसान का सारा गन्ना मिल ले।और अगर मिल मालिक यह सोचते हो कि वह सरकार के लोगो के चरणो मे बैठकर वह दादागिरी करेगे तो किसान यह बर्दाशत नही करेगा। 

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