November 19, 2018

पहले काटा चालान ,किसानो ने किया हंगामा तो ए.आर.टी.ओ ने अपनी जेब से भरा जुर्माना

शामली:  भारतीय किसान यूनियन ने शामली ए.आर.टी.ओ. के द्वारा ट्रैक्टरट्राली का चालान किये जाने पर ए.आर.टी.ओ. आफिस पर जमकर हंगामा प्रदर्शन करते हुए। ए.आर.टी.ओ. आफिस पर ताला बन्दी कर दिल्ली यमनौत्री राजमार्ग को जाम लगा दिया। मौके पर पहूँचे एस.डी.एम व सी.की गाडी के कागज ना मिलने पर  भाकियू के कार्यकर्त्ताओ ने गाडी सीज करने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। हंगामा बढता देख स्वय ए.आर.टी.ओ.ने 14 हजार रूपये का जुर्माना अपनी जेब से भरते हुए। ट्रैक्टरट्राली को छोड दिया। तब जाकर किसानो का गुस्सा शान्त हुआ। और धरना समाप्त कर जाम खुलवाया गया।
दरअसल जनपद शामली में हरियाणा के किसान ट्रैक्टर ट्राली में गन्ना लेकर आते है। शामली एन.सी.आर.में आने के कारण एन जी टी के आदेश के अनुसार 10 वर्ष से ज्यादा के वाहन व ट्रैक्टर पर रोक लगा दी गई है। हरियाणा का एक किसान गन्ने से भरी ट्रैक्टर ट्राली लेकर शामली जनपद में आया तो ए.आर.टी.ओ मुन्शीलाल ने उसके कागजात चैक करते हुए उसका चालान काट दिया। किसान के ट्रैक्टर ट्राली का चालान कटने के बाद भारतीय किसान यूनियन के किसानो को पता चला तो उन्होने ट्रैक्टर छोड देने की बात कही। ए.आर.टी.ओ द्वारा ट्रैक्टर ना छोडने पर भाकियू के कार्यकर्त्ताओ ने हंगामा कर दिया। और सैकडो की संख्या में किसान एकत्रित हो गये, किसानो ने ए.आर.टी.ओ आफिस पर काम कर रहे कर्मचारियो को बहार निकाल कर आफिस पर तालाबन्दी कर दी। और हंगामा करते हुए रोड जाम कर धरने पर बैठ गये। रोड जाम की सूचना पर एस.डी.एम शामली व सी.ओ.सिटी मौके पर पहूँचे तो भाकियू के प्रेस प्रवक्ता राकेश टिकैत ने ए.आर.टी.ओ  को सी.ओ. व एस.डी.एम की गाडी के कागज चैक करने के लिए कहा। जिस पर सी.ओ का ड्राईवर तो गाडी लेकर चलता बना वही एस.डी.एम. की गाडी के कागजात ना मिलने पर किसानो ने एस.डी.एम की गाडी को सीज करने के लिए हंगामा कर दिया। हंगामा बढता देख सी.ओ. व एस.डी.एम के कहने पर खुद ए.आर.टी.ओ ने ट्रैक्टर के चालान के 14 हजार रूपये विभाग की ओर से जुर्माना भरकर ट्रैक्टर को छोड दिया। तब जाकर किसानो का गुस्सा शान्त हुआ। और धरना समाप्त कर जाम खुलवाया गया।
हरियाणा के पीडित किसान ने बताया कि मेरे पास ट्रैक्टर के सभी कागज थे। सारे पेपर देखने के बाद भी मेरा चालान कर दिया। और कहने लगे पैसे लेकर आ जा तेरा ट्रैक्टर छोड देगें। मैने कहा कि मैने सारे पेपर दिखा दिये मेरा क्या कसूर है। यू.पी. से हरियाणा और हरियाणा से यू.पी. में इतने ट्रैक्अर आते है। किसान के ट्रैक्टर को कोई नही पकडता। मेरे साथ गालीगलौच करते हुए बदतमीजी करने लगे। पहले तो मेरे से 40 हजार रूपये की मांग की फिर 14 हजार रूपये का चालान काट कर दे दिया। मैने कहा कि मेरे पास तो कुल चार पांच हजार रूपये है। कहने लगे इसमे कुछ नही होगा सुबह 10 बजे पैसे लेकर आ जाओ ट्रैक्टर ट्राली छोड देगें। उसके बाद बोले चल 13 हजार रूपये में तेरी सैटिंग कर दूगा। मै तो ये चहाता हूँ कि मेरा ट्रैक्टर ट्राली छोड दी जाये और किसी भी किसान को बेवजह तंग ना किया जाये।
भाकियू प्रेसप्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि हरियाणा से वहा का किसान गन्ना लेकर आ रहा है। और उसको यहा का पुलिस प्रशासन व ए.आर.टी.ओ तग कर रहा है। उसके चालान काटे जा रहे है। यू.पी के किसान हरियाणा में गेहू लेकर जाता है। अगर हरियाणा सरकार वहा हमारे ट्रैक्टरो के चालान काटने लगे तो एक दिन में 2लाख कुन्तल टन गेंहू हरियाणा में जाता है। और हम वहा से डीजल लेकर आते है। ये हमारा आदान प्रदान है। अगर यू.पी. में हरियाणा के किसान को तग किया जायेगा तो हरियाण भारतीय किसान यूनियन के किसान उत्तर प्रदेश के किसान को वहा नही जाने देंगे। यहा के ए.आर.टी.ओ हरियाणा के किसान का चालान इसलिए काट रहे है। कि ये एन जी टी का आदेश है। कि एन सी.आर. में 10 साल पुराना ट्रैक्टर नही चलने देगे। ऐसा ये अधिकारी तर्क दे रहे है। मै इनसे ये कहता हूँ कि जो शासन व पुलिस प्रशासन की 10 साल पुरानी गाडी यहाँ चल रही है। पहले उनको बन्द करो। एस.डी.एम. की गाडी पर कोई कागज नही मिले और पुलिस की जितनी गाडी यहाँ थी वह भी भाग गई।तो पहले एन सी.आर पर प्रशासन अपने उपर करे। उसके बाद ट्रैक्टरो पर कार्यवाही होगी। अगर यह इस तरह की हरकत करेगें तो भारतीय किसान यूनियन इसका पूर्ण रूप  से जवाब देने में सक्ष्म है। 14 हजार का जो इन्होने ट्रैक्टर का काटा है। उसे ये अपने आप भूगतेगें। जो भी विभाग किसानो का चालान काटेगा वह अपने आप भूगतेगा। हम तो गन्ने की ट्राली लेकर आये हमने तो कहा कि हमारा पूरा गन्ना ले लो और चालान का पैसा काटकर बाकि हमे दे दो। ये गन्ना भी नही ले रहे है। 
(ए.आर.टी.ओ शामली मुन्शीलाल ने बताया कि एक ट्रैक्टर पर दो ट्राली जोडकर गन्ना लेजा जा रहा था। जिसका चालान काट दिया गया था। किसानो ने आकर कहा कि अगर हरियाणा के किसानो का चालान यहाँ कटेगा तो हरियाणा में हमारा चालान कटेगा। इस पर उसे छोछ दिया गया है। जुर्माना हमने अपनी ओर से भर दिया है। और ट्रैक्टर को छोड दिया है। एस.डी.एम. व पुलिस की गाडी के कागज भी जरूरी है। अगर कागज नही पाते तो चलती गाडी का चालान किया जा सकता है। और 10 साल पुरानी सरकारी गाडी को नीलाम कर दिया जाता है। 

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